""""किसी की याद में कल रात जो हम सो न सके,
आज दिन के आलम में भी उनके आँखो का नूर हम समेट न सके""""
आज दिन के आलम में भी उनके आँखो का नूर हम समेट न सके""""
मै आसमान को छुना नहीं चाहता बस एक बार उड़ना चाहता हूँ उन्मुक्त होकर अपने बलबुते पर अपनी शर्तो पर एक बार अपनी शक्ति तो देख लूं !!!