बुधवार, 23 नवंबर 2011

""""किसी की याद में कल रात जो हम सो न सके,

आज दिन के आलम में भी उनके आँखो का नूर हम समेट न सके""""

शनिवार, 19 नवंबर 2011

मेरा स्वाभिमान

"""प्यार दिखाते तो
बर्फ से पानी बन जाता
जरा सा ईज्जत देते तो
जान तक लुटा जाता
माना हिमालय जैसी
हैसियत नहीं मेरी
इसका अर्थ यह नहीं की
कोई तुफान मेरी नीव हिला सके"""