मंगलवार, 22 मई 2012

एक उडान

एक उडान  
एक खुला आसमान  जिसपर ,मेरा एकाधिकार 
राम रावन की लड़ाई नहीं
वर्चश्व  का महा संग्राम सौ कौरव नहीं ,हजार दुर्योधन 
सुई की नोख के सामान भूमि नहीं ,सर्व संसार का इनाम 
राजनीति हो या कूटनीति सिर्फ एक विजयनीति
एक कुरुक्षेत्र  से काम नहीं चलेगा पूरी विश्वस्थल 
बाहुबल हो या बुद्धिबल 
कोई राजा  रानी की कहानी नहीं एक विध्वंसकारी महागाथा 
जिसपर मेरे सपने का आकाश  
जिसपर नवनिर्माण की बुनियाद 
ऐसा तैसा नवनिर्माण नहीं एक समाजवादी नवनिर्माण 
राजतन्त्र  नहीं लोकत्रंत ही सही एक सच्ची, विश्वसनीय , भरष्टाचार  मुक्त ,प्रत्यक्ष पारदर्शी सर्व विश्व में एकमात्र महालोक्तंत्र  
न हिदुत्व की जातियता, न इस्लाम की कट्टरता 
बस एक सर्वव्यापी मानवता विकास , विज्ञानं ,विद्वत्ता का साथ 
कोई काल्पनिक विचार नहीं 
बस मेरा एक विश्वास से भरा एक प्रयाश 
छोटे पंखो के साथ सही 
पर मेरी अपनी एक उडान...
(किशोर कुणाल)