एक यथेच्छाचारी विचारक का सर्वगामी दृष्टिकोण

मै आसमान को छुना नहीं चाहता बस एक बार उड़ना चाहता हूँ उन्मुक्त होकर अपने बलबुते पर अपनी शर्तो पर एक बार अपनी शक्ति तो देख लूं !!!

गुरुवार, 25 दिसंबर 2014


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अपनीं कल्पना को वास्विकता की शकल देने और साथ में भविष्य के लिए वर्त्तमान से संघर्ष करता हूँ।
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