मै थोङा क्रोधी हूँ,
जन्म जात विद्रोही हूँ,
दिल से एक क्रान्तिकारी हूँ,
भला एक मानुष हूँ,
जद्दी बङा यथेच्छाचारी हूँ,
सागर में छुपा अनमोल मोती हँू
अभीमानी नहीं स्वाभीमानी हूँ,
सभल कर थोङा रहीयेगा मुझसे
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शैतान नहीं नटखट थोङा अधिक हूँ ।
( किशोर कुणाल )
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